मखाना प्रोसेसिंग बिजनेस
अपनी पूंजी के अनुसार मखाना बिजनेस शुरू करें, छोटे होम-बेस्ड रोस्टिंग और पैकिंग मॉडल से लेकर ग्रेडिंग, रोस्टिंग, फ्लेवरिंग और ऑटोमैटिक पैकिंग वाली कमर्शियल प्रोसेसिंग यूनिट तक।
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अपनी पूंजी के अनुसार मखाना बिजनेस शुरू करें, छोटे होम-बेस्ड रोस्टिंग और पैकिंग मॉडल से लेकर ग्रेडिंग, रोस्टिंग, फ्लेवरिंग और ऑटोमैटिक पैकिंग वाली कमर्शियल प्रोसेसिंग यूनिट तक।
यह बिजनेस मॉडल कम पूंजी वाले माइक्रो सेटअप से शुरू होकर छोटे वर्कशॉप, सेमी-कमर्शियल यूनिट और संगठित कमर्शियल उत्पादन तक बढ़ सकता है।
कम लागत वाले कृषि अवशेष, नियंत्रित इनडोर कमरों और लगातार बैच उत्पादन के साथ ऑयस्टर मशरूम की व्यावसायिक खेती शुरू की जा सकती है। बेहतर मॉडल में रेस्टोरेंट, होटल, दुकानदार और लोकल ग्राहकों को नियमित सप्लाई देकर बिक्री को संतुलित किया जाता है।
PMEGP गैर-कृषि क्षेत्र में नई micro-enterprises स्थापित करने के लिए credit-linked subsidy scheme है। पात्र applicants को 15% से 35% तक margin money subsidy मिल सकती है। Manufacturing projects के लिए maximum project cost ₹50 लाख और Service/Business projects के लिए ₹20 लाख है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना गैर-कृषि आय-सृजन गतिविधियों वाले पात्र सूक्ष्म उद्यमों को बिना collateral institutional credit उपलब्ध कराती है। Shishu, Kishore, Tarun और Tarun Plus categories में loan मिलता है। पात्र borrowers के लिए Tarun Plus के तहत अधिकतम loan limit ₹20 लाख तक है, बशर्ते उन्होंने पहले Tarun category का loan सफलतापूर्वक repay किया हो।
मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (MDA) पात्र GOBARdhan और CBG plants से बने Fermented Organic Manure, Liquid Fermented Organic Manure और Phosphate Rich Organic Manure की बिक्री को support करता है। पात्र बिक्री पर Point of Sale system के माध्यम से ₹1,500 प्रति metric tonne सहायता मिलती है।
पीएम विश्वकर्मा 18 पारंपरिक trades के कारीगरों और craftspeople को पहचान, skill training, toolkit assistance, ₹3 लाख तक collateral-free enterprise development loan, 5% concessional interest, digital transaction incentive और marketing support देता है।
कोयर उद्यमी योजना कोयर यूनिट शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना है। पात्र प्रोजेक्ट लागत पर 40% सरकारी सब्सिडी, 55% बैंक क्रेडिट और 5% लाभार्थी योगदान का प्रावधान है। प्रोजेक्ट लागत अधिकतम ₹10 लाख है और इसके अतिरिक्त 25% तक कार्यशील पूंजी शामिल की जा सकती है।
भारत में सर्टिफाइड पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर (RO Mineral Water) प्लांट शुरू करने की सम्पूर्ण स्टेप-बाय-स्टेप गाइड — BIS ISI लाइसेंस, मशीनरी लागत, PMEGP सब्सिडी और दैनिक वितरण रणनीति।
2000 एलपीएच क्षमता वाले बीआईएस/आईएसआई प्रमाणित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट, 20 लीटर जार रिफिलिंग और पेट बॉटलिंग उद्योग की सम्पूर्ण लागत, मशीनरी और मुनाफे की गाइड।