लद्दाख प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को सख्त अनुपालन का निर्देश दिया
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन ने सभी Food Business Operators (FBOs) को Food Safety and Standards Act, 2006 तथा लागू नियमों और विनियमों का सख्ती और लगातार पालन करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी किया गया है और खाद्य सुरक्षा आयुक्त, UT Ladakh की ओर से जारी सर्कुलर के बाद आया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, सैनिटेशन और वैध लाइसेंसिंग केवल एक बार पूरी की जाने वाली औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि इनका लगातार पालन करना जरूरी है।
लद्दाख में 8,783 FSSAI लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन धारक
लद्दाख प्रशासन के अनुसार वर्तमान में केंद्र शासित प्रदेश में 428 FSSAI Licence holders और 8,355 FSSAI Registration holders हैं। यानी कुल 8,783 खाद्य कारोबार इस लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के तहत आते हैं।
प्रशासन ने सभी संबंधित कारोबारियों को अपनी मौजूदा खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था की तुरंत समीक्षा करने तथा पाई गई कमियों को दूर करने के लिए कहा है।
खाद्य कारोबारियों को किन नियमों का पालन करना होगा?
निर्देशों में रोजमर्रा के खाद्य कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुपालन क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कारोबारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन वैध हो और उनके परिसर में आवश्यक स्वच्छता तथा सैनिटेशन मानकों का पालन हो।
- वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन बनाए रखना।
- खाद्य स्वच्छता और सैनिटेशन संबंधी निर्धारित मानकों का पालन करना।
- उपयुक्त Food Safety Management System लागू करना।
- खाद्य पदार्थों का उचित भंडारण और stock rotation सुनिश्चित करना।
- लागू खाद्य लेबलिंग नियमों का पालन करना।
- असुरक्षित या नियमों के अनुरूप न होने वाले खाद्य पदार्थों का निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री नहीं करना।
प्रशासन ने sub-standard, misbranded, adulterated, contaminated या expired food की बिक्री और अन्य गतिविधियों के खिलाफ भी चेतावनी दी है।
निरीक्षण, सैंपलिंग और कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले जानबूझकर किए गए और गंभीर उल्लंघनों के खिलाफ zero-tolerance approach अपनाने की बात कही है। कार्रवाई में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य नमूनों की जांच, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की जब्ती और जरूरत पड़ने पर बिक्री पर रोक शामिल हो सकती है।
उल्लंघन की प्रकृति के अनुसार लाइसेंस निलंबित या रद्द करने, वैधानिक जुर्माना लगाने और अभियोजन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
FSSAI कानून के तहत कितना जुर्माना हो सकता है?
Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत अलग-अलग प्रकार के उल्लंघनों के लिए अलग-अलग दंड और सजा का प्रावधान है। कुछ अपराधों में आर्थिक दंड ₹10 लाख तक हो सकता है। असुरक्षित खाद्य पदार्थों से जुड़े गंभीर मामलों में जुर्माने के साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। सजा उल्लंघन और उसके परिणाम की गंभीरता पर निर्भर करती है।
उदाहरण के लिए, अधिनियम की Section 57 के तहत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक adulterant रखने पर ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। Section 59 के तहत unsafe food से जुड़े मामलों में नुकसान की स्थिति के आधार पर अलग-अलग अवधि की कैद और जुर्माने का प्रावधान है।
इसलिए केवल FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना ही पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, भंडारण, लेबलिंग और अन्य लागू नियमों का लगातार पालन करना जरूरी है।
Food Safety Officers करेंगे अनुपालन की जांच
लद्दाख प्रशासन ने बताया है कि Food Safety Officers निरीक्षण कर कारोबारियों के अनुपालन की जांच करेंगे। गंभीर या बार-बार होने वाले उल्लंघनों के खिलाफ लागू कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेस्तरां, होटल, फूड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, रिटेल आउटलेट, कैटरिंग कारोबार और अन्य खाद्य व्यवसायों को निरीक्षण से पहले अपने अनुपालन की समीक्षा करनी चाहिए।
लद्दाख के FBOs को अब क्या करना चाहिए?
सबसे पहले कारोबारियों को यह जांचना चाहिए कि उनका FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन वैध है और मौजूदा कारोबार से सही तरीके से जुड़ा हुआ है। इसके बाद परिसर की स्वच्छता, सैनिटेशन, खाद्य भंडारण, stock rotation, लेबलिंग और food safety procedures की समीक्षा करनी चाहिए।
जहां भी कमी मिले, उसे तुरंत ठीक करना चाहिए। खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियों को रिकॉर्ड करना और समय पर सुधार करना भी कारोबार की compliance व्यवस्था को मजबूत कर सकता है।
छोटे कारोबारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह आदेश?
छोटे खाद्य कारोबार के लिए अनुपालन में कमी केवल सरकारी कार्रवाई का जोखिम नहीं बढ़ाती, बल्कि ग्राहक का भरोसा और कारोबार की प्रतिष्ठा भी प्रभावित कर सकती है। असुरक्षित या गलत तरीके से लेबल किया गया भोजन आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
लद्दाख का यह निर्देश इस बात पर जोर देता है कि FSSAI compliance को केवल लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कारोबार का स्थायी हिस्सा माना जाना चाहिए।
मुख्य निष्कर्ष
लद्दाख प्रशासन ने सभी Food Business Operators को food safety law का लगातार पालन करने के लिए कहा है। वर्तमान में 428 लाइसेंसधारी और 8,355 रजिस्ट्रेशन धारक FSSAI व्यवस्था के अंतर्गत हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंभीर और दोहराए जाने वाले उल्लंघनों पर निरीक्षण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए खाद्य कारोबारियों को अपने लाइसेंस, स्वच्छता व्यवस्था, भंडारण, लेबलिंग और अन्य खाद्य सुरक्षा प्रक्रियाओं की तुरंत समीक्षा करनी चाहिए।